दूध में कैल्शियम होता है लेकिन कितना फायदेमंद?

दूध में कैल्शियम पाया जाता है और इसे शाकाहारियों के लिए एक बेहतरीन कैल्शियम का स्त्रोत माना जाता रहा है। लेकिन दूध में उपस्थित कैल्शियम हमारे शरीर को कितना फायदा या फिर उल्टा नुकसान पहुंचता है इस बारे में बहुत से अध्यन सामने आए हैं, और इस बात पर विश्व्यापी बहस भी छिड़ गयी है।

दूध में कैल्शियम और हमारे शरीर की आवश्यकता

निश्चित रूप से दूध केल्सियम का एक अच्छा स्त्रोत है लेकिन दूध का सेवन करते समय हम यह भूल जाते हैं कि प्रकृति ने दूध किसके लिए और किस उद्देश्य से बनाया है।

क्या आप अभी भी यही सोचते हैं कि गाय हमारी माता है और गाय हमारे लिए ही दूध देती है?

निश्चित ही हमारे शरीर को समुचित मात्रा में कैल्शिम की आवश्यकता होती है, लेकिन हम कोई भी चीज़ इसलिए नहीं खा सकते क्योकि उसमें कैल्शियम पाया जाता है। किसी भी पदार्थ में कैल्शियम का होना और उसका हमारे शरीर के लिए उपयोगी होना दोनों अलग-अलग बाते हैं।

क्या होता है कैल्शियम?

लोहा, मैग्नीशियम और तांबा की तरह, कैल्शियम एक खनिज है। यह मिट्टी में पाया जाता है, जहां से यह पौधों की जड़ों में अवशोषित होता है। इन कैल्शियम युक्त पौधों के सेवन से पशु अपना कैल्शियम प्राप्त करते हैं। इसलिए भले ही हम सभी यह मानते हैं कि कैल्शियम दूध और डेयरी उत्पादों से आता है, लेकिन कैल्शियम का वास्तविक स्रोत पृथ्वी ही है। कोई आश्चर्य नहीं कि एक सम्पूर्ण वनस्पति-आधारित आहार में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है।

हमें प्रतिदिन कितने कैल्शियम की आवश्यकता होती है?

यह विषय एक बहस का मुद्दा बना हुआ है। सबसे बड़े विवादों में से एक यह है कि अगर हम अपने भोजन में से दूध को निकल दें तो क्या वास्तव में सम्पूर्ण शाकाहारी (सिर्फ पेड-पौधों से प्राप्त) भोजन से हम अपनी रोज की कैल्शियम की जरूरत को पूरा कर सकते हैं?

अधिकांश वयस्कों के लिए कैल्शियम के लिए वर्तमान दैनिक मात्रा 1,000 से 1,200 मिलीग्राम है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिक मात्रा की जरूरत अधिक पशु प्रोटीन का सेवन करने के कारण होती है। अधिक पशु प्रोटीन को अपने आहार में सम्मिलित करने से शरीर से मूत्र द्वारा अधिक मात्रा में कैल्शियम का उत्सर्जन होता है इसलिए इस तरह का आहार सेवन करने वालों के लिए कैल्शियम की आवश्यकता भी अधिक होती है।

शोध में यह भी सामने आया है कि पूर्णत: वीगन आहार लेने वालों के लिए प्रतिदिन कैल्शियम की जरुरी मात्रा 500 मिलीग्राम तक भी हो सकती है।

सब्जियां और फलों (बिना डेयरी) के विविध आहार में हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त कैल्शियम होता है।
यदि हम अपेक्षाकृत कम कैल्शियम आहार खाते हैं, तो हमारा शरीर उसके अनुरूप समायोजित हो जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि जब अपेक्षाकृत कम कैल्शियम आहार (415 मिलीग्राम / दिन) खाया जाता है, तो हमारी आंतें कैल्शियम को अवशोषित करने में अधिक कुशल हो जाती हैं, और हमारे गुर्दे इसे बेहतर तरीके से संरक्षित करते हैं। समान रूप से, जब कैल्शियम की अधिक मात्रा (1,740 मिलीग्राम / दिन) ली जाती है तो हमारा शरीर उसके अनुरूप समायोजित होने लगता है और आतें अधिक कैल्शियम को शरीर में अवशोषित होने से रोकती है और कैल्शियम मूत्र के साथ बाहर निकलने लगता है।

इस तरह से कैल्शियम की जरुरत हमेशा पूरी होती रहती है।

क्या शाकाहारी लोगों को प्रोटीन की जरूरत के लिए दूध पीना जरुरी है?

कितना कैल्शियम शरीर में अवशोषित होता है?

हमारे भोजन में कितना कैल्शियम है उससे कहीं ज्यादा यह महत्वपूर्ण होता है कि उस भोजन में उपस्थित कितना कैल्शियम हमारे शरीर में अवशोषित हो रहा है।

उदाहरण के लिए, 1 कप दूध में लगभग 300 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, लेकिन उसमें से सिर्फ 30 प्रतिशत ही हमारे शरीर में अवशोषित होने लायक होता है।

टोफू में उपस्थित कैल्शियम के अवशोषित होने की दर भी लगभग सामान ही होती है लेकिन टोफू में न्यूनतम संतृप्त वसा, अधिक प्रोटीन और दूध का लगभग दसवां हिस्सा सोडियम पाया जाता है।

अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे सरसों के साग में उपस्थित कैल्शियम की अवशोषण की दर लगभग 40 प्रतिशत तक होती है। ब्रोकोली में उपस्थित कैल्शियम की अवशोषित दर 50-60 प्रतिशत तक होती है।

दूध पीने से भी कैल्शियम की कमी क्यों होती है ?

जी हाँ यह कई अध्यनों से ज्ञात हुआ है कि भोजन में सोडियम और अधिक प्रोटीन की मात्रा शरीर में कैल्शियम को अवशोषित होने से रोकती है। जहाँ तक दूध का प्रश्न है दूध में कैल्शियम के साथ साथ सोडियम और प्रोटीन की मात्रा भी अधिक होती है इसलिए जिस दूध को हम कैल्शियम का प्रमुख स्त्रोत मान कर सेवन करते हैं वह कैल्शियम मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है।

इस तरह दूध से प्राप्त कैल्शियम का 1/3 हिस्सा और पनीर से प्राप्त कैल्शियम का 2/3 हिस्सा हम अवशोषित नहीं कर पाते हैं और वह शरीर से बाहर निकल जाता है।

इसके विपरीत, कई पत्तेदार हरी सब्जियां आसानी से अवशोषित योग्य कैल्शियम प्रदान करती हैं।

अगर हम दूध नहीं पीते हैं या कैल्शियम की खुराक लेते हैं – तो हमारी हड्डियों का क्या होगा?

एक हालिया अध्ययन ने इस बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न को संबोधित किया है। लंबी अवधि के vegans बनाम omnivores के अस्थि खनिज घनत्व की तुलना करने पर परिणाम आश्चर्यजनक थे। हालांकि शाकाहारी लोगों के आहार में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है, फिर भी उनकी हडियों में कैल्शियम का घनत्व मांस खाने वालों से अधिक पाया गया।

अंत में, आपको पर्याप्त कैल्शियम प्राप्त करने के लिए डेयरी या पूरक की जरूरत नहीं है (वास्तव में डेयरी उत्पाद अनजाने में आपके शरीर में कैल्शियम की कमी करने के लिए ही जिम्मेदार माने गए हैं।

जब तक आप पर्याप्त कैलोरी वाला इस तरह का सम्पूर्ण वनस्पति आधारित भोजन करते हैं जिससे आपके शरीर में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा नहीं जाती है तो इस तरह का आहार आपके कैल्शियम की सभी जरूरतों को आसानी से पूरा करने में सक्षम है।

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